
मोरबी| गुजरात में हादसाग्रस्त मोरबी के झूलता पुल मामले में जांच अधिकारियों ने कोर्ट में कहा कि पुल के तार जंग लगे हुए थे और मरम्मत के दौरान इन्हें नहीं बदला गया था| उसकी मरम्मत की जाती तो यह हादसा नहीं होता|
वहीं, रखरखाव करने वाली कंपनी ओरेवा के मैनेजर दीपक पारेख ने शर्मनाक बयान दिया| गिरफ्तार आरोपी मैनेजर ने कहा कि यह हादसा भगवान का कृत है| अतिरिक्त सरकारी अभियोजक एचएस पांचाल ने कहा कि, ‘ओरेवा कंपनी के मैनेजर दीपक पारेख के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट और अतिरिक्त वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एमजे खान को बताया कि कंपनी के प्रतिबंध निर्देश से लेकर निचले स्तर के कर्मचारियों तक सभी ने खूब काम किया| लेकिन, भगवान की इच्छा से ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई|’
पारेख कंपनी के गिरफ्तार 2 मैनेजरों में से एक है|
बताते चलें कि हादसे में गिरफ्तार 9 आरोपियों में से 4 को पुलिस रिमांड में भेज दिया गया है| अन्य 5 को 5 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है| पुलिस रिमांड में भेजे गए आरोपियों में आरेवा कंपनी के दो मैनेजर और दो ठेकेदार शामिल है|

