यहां अपहरण कर किशोरी से किया सामूहिक दुष्कर्म…… 36 घंटे तक बंधक बनाई गई पीड़िता

कहते हैं औरतों को देवी के रूप में पूजा जाता है और जब बेटी होती है तो उसे लक्ष्मी समझा जाता है मगर समाज में आज भी कुछ भेड़िए ऐसे हैं जो कि अपनी हवस की आग बुझाने के लिए देवी के रूप में पूजे जाने वाली औरत को नोच लेते हैं। एक ऐसा ही सामूहिक दुष्कर्म का मामला बरेली के नवाबगंज क्षेत्र से सामने आया है जहां पर आरोपियों ने किशोरी के मुंह में कपड़ा ठूंस कर उसका अपहरण किया और उसे 36 घंटे तक बंदी बनाए रखा जिसके बाद किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया और जब इस मामले में शिकायत दी गई तो पुलिस भी इस मामले को झुटलाने लगी।

आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही ना करके पुलिस टालमटोल करने लगी जिसके बाद यह मामला एसएससी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज तक पहुंचाया गया और पुलिस द्वारा घटना के 6 दिन बाद बीते शनिवार को आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी लिखी गई हैं। इससे यह पता चलता है कि देश का कानून भी कभी-कभी बेटियों का साथ छोड़ देता है खासकर तब जब उन्हें काफी जरूरत होती है। इस घटना के बारे में बताते हुए क्योंलड़िया थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने कहा कि वह दिल्ली में मजदूरी करता है तथा बीते 29 अगस्त की सुबह उसकी 17 वर्षीय बेटी घर के बाहर आंगन में झाड़ू लगा रही थी तभी पड़ोस के ही घर में बैठे अखलाक, जुनैद ,अरबाज व शफीक बेटी के मुंह में कपड़ा ठूंस कर उसे वहां से ले गए और चारों ने बारी-बारी से उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया जब किशोरी ने इसका विरोध किया तो दरिंदों ने उसके साथ मारपीट भी की जिससे वह घायल भी हो गई है। इस बात की जानकारी पीड़िता के पिता को दिल्ली से लौटने के बाद मिली जिसके बाद वह थाने पहुंचकर न्याय मांगने लगे मगर उन्हें झूठा बता कर टाल दिया गया जिस पर उन्होंने एसएसपी को पत्र लिखा और जब यह मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो पुलिस ने कार्यवाही शुरू की।