
केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत उत्तर मध्य रेलवे के केंद्रीकृत यातायात नियंत्रण और मध्य तथा पश्चिमी रेलवे की ट्रेन प्रबंधन प्रणाली को संरक्षित घोषित किया है|
आईटी अधिनियम के मुताबिक, सुरक्षित प्रणाली एक कंप्यूटर संसाधन है, जो अक्षम या खराब होने पर राष्ट्रीय सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा पर पूरा प्रभाव डाल सकती है|
इस नए नियम के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति जो आईटी अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करके किसी संरक्षित प्रणाली तक पहुंच बनता है या ऐसा करने का प्रयास भी करता है तो उसे 10 साल तक की कैद हो सकती है और जुर्माना भी लगाया जा सकता है|
रेलवे की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, दक्षिण मध्य रेलवे की ट्रेन टक्कर बचाओ प्रणाली कवच को भी आईटी अधिनियम के तहत संरक्षित प्रणाली घोषित किया गया है| जरूरत के आधार पर संरक्षित प्रणालियों तक पहुंच बनाने के लिए रेलवे किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को नामित करेगी| इसमें रेलवे द्वारा अधिकृत थर्ड पार्टी वेंडर, सलाहकार, नियामक, सरकारी अधिकारी, लेखा परीक्षक एवं हितधारक को अधिकृत किया जाएगा|

