
हाल ही में देश और उत्तराखंड ने अपना वीर सपूत खोया है ऐसे में पूरे देश में दुख का माहौल है मगर कुछ मुस्लिम वर्ग के लोगों द्वारा सीडीएस जनरल बिपिन सिंह रावत की शहादत पर हंसता हुआ स्माइली पोस्ट किया जा रहा है जिसे देखकर फिल्म निर्माता अली अकबर का कहना है, कि वह उस धर्म के सदस्य हो ही नहीं सकते जहां पर देश के इतने बड़े अधिकारी और देश के पक्ष में कार्य करने वाले जांबाज जवान का अपमान हो रहा हो।
तथा उनका कहना है कि सीडीएस बिपिन सिंह रावत की शहादत पर कुछ मुसलमानी लोगों ने हंसता हुआ स्माइली पोस्ट किया था व लोग जनरल की शहादत पर जश्न मना कर अपनी खुशी जाहिर कर रहे हैं। तथा उनका कहना है कि इस्लाम के शीर्ष पर बैठे नेताओं ने भी इस प्रकार देशद्रोह कर रहे लोगों का विरोध नहीं किया जिस कारण अली अकबर के दिल को काफी आहत पहुंची हैं। उनका कहना है कि कुछ मुसलमानी लोग यह सब इसलिए कर रहे हैं क्योंकि विपिन सिंह रावत ने पाकिस्तान और भारत में हो रही आतंकवादी गतिविधियों पर रोक लगाई। तथा कुछ लोग इसे बर्दाश्त नहीं कर पाए और आज जब सीडीएस की शहादत हुई है तो लोग जश्न मना रहे हैं। उनका कहना है, कि मैं एक भारतीय हूं और मेरे देश के इतने बड़े अधिकारी और भारत मां के सपूत का अपमान मैं बर्दाश्त नहीं करुंगा इसलिए मैं और मेरी पत्नी लुसिम्मा मुस्लिम धर्म को त्याग कर हिंदू धर्म अपना रहे हैं। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि वे अपनी दोनों बेटियों पर हिंदू धर्म को अपनाने के लिए कोई भी दबाव नहीं डालेंगे यदि उनकी बेटियां चाहे तो हिंदू धर्म अपना सकते हैं वरना वे उन्हें हिंदू धर्म अपनाने को मजबूर नहीं करेंगे।
तथा उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म अपनाकर मैं उन लोगों को जवाब दे रहा हूं जिन्होंने देशद्रोही गतिविधियों को बढ़ावा दिया है और आज भी भारत के सपूत की शहादत पर मुस्कुरा रहे हैं। अली अकबर की इस पोस्ट से फेसबुक पर उन्हें कई मुसलमानों की गालियों व आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा तथा वहीं कई लोगों ने उनका समर्थन भी किया और उनकी आलोचना करने वालों को जवाब भी दिया यह पोस्ट अब हटा दी गई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक पता चला है कि अली अकबर का कहना है, कि सोशल मीडिया पर कई देश विरोधी गतिविधियां होती रहती हैं और आज भी वही हुआ भारत के सपूत की शहादत पर हंसने वाले ज्यादातर मुस्लिम थे और उनकी गतिविधियों पर मुसलमान समाज के शीर्ष पर बैठे नेताओं ने भी कोई रोक नहीं लगाई है उनके खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की इससे अली अकबर के दिल को काफी आहत पहुंची हैं तथा इसलिए अब उन्होंने व उनकी पत्नी ने मुसलमान धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाने का ऐलान किया है।

