चंपावत:- बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई प्रयास कर रही है सरकार……विद्यालय न होने के कारण घर बैठने के लिए मजबूर है छात्राएं

उत्तराखंड राज्य के चंपावत में बालिकाएं घर बैठने के लिए मजबूर है। बता दे कि एक तरफ सरकार बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अपने द्वारा किए जा रहे प्रयासों की बार-बार घोषणा करती है वहीं दूसरी तरफ सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है।

चंपावत में कहीं 2 से 3 किलोमीटर के दायरे में दो-दो इंटर कॉलेज और हाईस्कूल है वही किसी दूसरे स्थान पर औसतन 10 किलोमीटर के क्षेत्र में एक भी इंटर कॉलेज या हाई स्कूल नहीं है जिससे बालिकाएं घर बैठने पर मजबूर है। इंटर कॉलेज के घर से काफी दूर होने से ग्रामीण इलाकों की छात्राएं हाई स्कूल के बाद पढ़ाई नहीं कर पा रही है और टनकपुर तथा चंपावत के बीच पढ़ने वाले सूखीढाग क्षेत्र की यही कहानी है। यहां के लोग लंबे समय से राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तालियाबांज के उच्चीकरण की मांग कर रहे हैं लेकिन इस ओर ना तो जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं और नहीं शिक्षा विभाग ऐसे में बालिकाओं की पढ़ाई छूट रही है। घर से इंटर कॉलेज काफी दूर होने के कारण छात्राएं पढ़ाई नही कर पा रही है और हाई स्कूल के बाद उन्हें घर पर ही बैठना पड़ रहा है क्षेत्र के लोग काफी लंबे समय से हाई स्कूल का उच्चीकरण करने की मांग कर रहे हैं लेकिन उनकी मांग को अनसुना किया जा रहा है। क्षेत्र में इंटर कॉलेज ना होने के कारण छात्राएं पढ़ाई नहीं कर पा रही हैं और नहीं आगे बढ़ पा रही है।