बड़ी खबर -: फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल करने के आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर को 3 साल की सजा

देहरादून| फर्जी प्रमाणपत्र लगाकर नौकरी हासिल करने वाले आईआईटी रुड़की के पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर को 3 साल की सजा सुनाई गई है| आरोपित के खिलाफ जांच हुई और सीबीआई मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सुनवाई के बाद सजा सुनाई है|


बताते चलें कि धोखाधड़ी में दोषी पाए गए पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है|
आरोपित विकास पुथली ने वर्ष 2000 में पिछड़ी जाति का फर्जी प्रमाण पत्र लगाकर आईआईटी में नौकरी हासिल की| 2014 में जब वह रुड़की में तैनात थे, तब उनके फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ| जिसके बाद प्रारंभिक जांच में आरोप सही निकले और मामला सीबीआई के पास पहुंचा| वर्ष 2016 में आरोपित के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई| जब आरोप तय हुआ तो उसके खिलाफ ट्रायल चला और सीबीआई की ओर से कुल 17 गवाह और लिखित साक्ष्य कोर्ट में पेश हुए| जिस पर सीबीआई मजिस्ट्रेट कोर्ट ने आरोपित को दोषी पाते हुए 3 साल की सजा और 10 हजार जुर्माने की सजा सुनाई|