बागेश्वर – कर्मी क्षेत्र में औषधीय प्लांटेशन कार्ययोजना की जिलाधिकारी ने की समीक्षा

बागेश्वर । जनपद में औषधीय पौधों, विशेषकर कुटकी के उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में कर्मी क्षेत्र में औषधीय प्लांटेशन की कार्ययोजना को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने भेषज समन्वयक को काश्तकारों की मांग के अनुरूप 11 लाख कुटकी पौधों की आवश्यकता के संबंध में भेषज सचिव को पत्र प्रेषित करने के निर्देश दिए। साथ ही कुटकी प्लांटेशन के क्षेत्रफल में वृद्धि करने, प्लांटेशन की बिफोर एवं आफ्टर फोटोग्राफ तथा ड्रोन वीडियो तैयार कराने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि औषधीय पादप उत्पादन को सशक्त बनाने के लिए कम से कम 15 मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएं।
जिलाधिकारी ने भेषज विभाग को कृषि, उद्यान एवं खंड विकास अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित करते हुए औषधीय पादप उत्पादन हेतु चिन्हित काश्तकारों की सूची उपलब्ध कराने तथा तीन दिवस के भीतर सर्वे कर यह आकलन करने के निर्देश दिए कि काश्तकारों को कंपोस्ट किट की आवश्यकता है अथवा नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि 15 फरवरी तक कंपोस्ट किट से संबंधित सभी कार्यवाहियां प्रारंभ कर दी जाएं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर काश्तकारों से सीधा संवाद स्थापित करने तथा खाद, पानी, कीटनाशक, प्रशिक्षण एवं अन्य आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त कर समयबद्ध कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। सिंचाई व्यवस्था के संबंध में कृषि विभाग, सिंचाई विभाग एवं लघु सिंचाई विभाग को 20 फरवरी तक संयुक्त सर्वे करने के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में कुटकी की बाजार में काफी अधिक मांग है तथा यह फसल जंगली जानवरों से भी सुरक्षित रहती है। उन्होंने कहा कि कुटकी उत्पादन से काश्तकारों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावनाएं हैं। वर्तमान में जनपद के लगभग 350 काश्तकार कुटकी की खेती कर रहे हैं, जबकि इस वर्ष 54 कुंतल कुटकी का उत्पादन किया गया है। इसके अतिरिक्त 150 नए काश्तकारों को भी कुटकी उत्पादन हेतु चिन्हित किया जा चुका है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, भेषज समन्वयक ताहिर हुसैन सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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