आइए कुर्मांचल अखबार के साथ पढ़ते हैं कृपाल सिंह शीला की स्वरचित कविता “दीप पर्व दीपावली”

दीप पर्व दीपावली

Advertisements

इस दीवाली हम सब ,
मिट्टी के दिये जलायेंगे।
प्रभु रामचन्द्र के आगमन की,
खुशियाँ हम मनायेंगे।।
कहीं भी ना रहे अंधेरा,
घर- घर दीप जलायेंगे।
इस दीवाली हम अपने घर,
असली फूलों से सजायेंगे।।
दीपों से जगमग हो हर घर,
न लाइट की लड़ियाँ जलायेंगे।
बम पटाखों के प्रदूषण से,
अपने पर्यावरण को बचायेंगे।।
दीपावली दीपों का है त्योहार,
दीपों से जगमग सबके द्वार।
गरीबों की अच्छी हो दीवाली,
उनके भी बाँटे हम उपहार।।
—————-०——————-
कृपाल सिंह शीला (स.अ.)
रा.जू.हा.- मुनियाचौरा (भिकियासैंण),अल्मोड़ा।
मो./ व्हाट्सएप- 9410501465

Leave a Reply