
बागेश्वर । जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे की अध्यक्षता में शुक्रवार को जिला सभागार में जिला गंगा समिति की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के क्रम में ग्राम पंचायतों एवं स्थानीय निकायों के स्तर पर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के चार प्रकारों से संबंधित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके साथ ही डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण, स्वच्छता शुल्क वसूली, ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए भूमि चयन तथा कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण की स्थिति पर चर्चा की गई।
जिलाधिकारी ने नगर निकायों को मासिक यूजर चार्ज वसूली बढ़ाने तथा डोर-टू-डोर कूड़ा संग्रहण व्यवस्था प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सड़क किनारे कूड़ेदानों की नियमित निगरानी करने तथा फोटोग्राफ के माध्यम से उनकी स्थिति की समीक्षा करने तथा नियमित कूड़ा उठान एवं निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को ट्रेंचिंग ग्राउंड के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा स्वच्छता मित्रों द्वारा घरों से एकत्रित कूड़े के पृथक्करण, संग्रहण एवं परिवहन से लेकर जिला पंचायत के कॉम्पेक्टर तक पहुंचने और अंतिम निस्तारण की पूरी प्रक्रिया का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने को कहा। सभी खंड विकास अधिकारियों को अपने-अपने विकासखंड में स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन संबंधी कार्यों का नियमित दस्तावेजीकरण करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने नवंबर माह में जनपदभर में व्यापक स्वच्छता अभियान संचालित करने तथा इसमें सभी विभागों, ग्राम पंचायतों, स्थानीय निकायों एवं आमजन की सहभागिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयासों से बागेश्वर को स्वच्छतम जनपदों में शामिल करने की दिशा में ठोस कार्य किए जाएं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, जिला विकास अधिकारी संगीता आर्या, नगर पालिका बागेश्वर के अधिशासी अधिकारी विनोद जीना सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।





