समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कोरोना से लड़ने के लिए दिए कई दिशा-निर्देश

कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कल कोरोना से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया| प्रधानमंत्री ने जिला स्तर पर स्वास्थ्य ढाचे को तैयार करने की निर्देश दिए हैं| इसके अलावा किशोरों के साथ-साथ सोमवार से फ्रंटलाइन वर्कर, स्वास्थ्य कर्मियों, 60 साल से अधिक उम्र के लोगों को सतर्कता डोज लगाने के अभियान को मिशन मोड पर पूरा करने को कहा है|


बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राज्यों में हालात की समीक्षा के लिए जल्द ही मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की जाएगी| इस बैठक में गृहमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के साथ-साथ गृह, स्वास्थ्य, फार्मा व अन्य मंत्रालयों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे|
इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने देश-दुनिया में कोरोना के नए स्वरूप ओमिक्रोन के कारण कोरोना के बढ़ते मामलों की जानकारी दी| उन्होंने इस वैरीएंट की संक्रामकता और गंभीरता को लेकर दुनिया भर के अनुभव को भी साझा किया|
भूषण ने प्रधानमंत्री को जानकारी दी कि कोरोना पैकेज-दो के तहत स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत किया गया|


प्रधानमंत्री ने किशोरों के टीकाकरण को मिशन रोड पर जल्द से जल्द पूरा करने को कहा| इसके अलावा उन्होंने केवल 7 दिन के भीतर 31% किशोरों के टीके की पहली डोज लगाने की तारीफ की|
प्रधानमंत्री ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में स्वास्थ्य कर्मियों और फ्रंटलाइन वर्कर की भूमिका की तारीफ करते हुए सोमवार से शुरू होने जा रहे सतर्कता डोज को भी मिशन मोड पर पूरा करने को कहा|
नए वेरिएंट को देखते हुई मोदी ने वैक्सीन और इलाज के क्षेत्र में लगातार नए वैज्ञानिक शोध की जरूरत बताई| साथ ही जिनोम सीक्वेंसिंग का दायरा बढ़ाने को कहा, ताकि नए स्वरूप ओमिक्रोन कि तत्काल पहचान की जा सके|
इसके अलावा प्रधानमंत्री ने कहा कि अन्य बीमारियों के इलाज पर पर्याप्त बंदोबस्त होना चाहिए| उन्होंने ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं में मदद करने के लिए टेलीमेडिसिन का इस्तेमाल करने को कहा| इसके माध्यम से इन इलाकों के लोगों को आसानी से बेहतर मदद पहुंचाई जा सकती है|
प्रधानमंत्री मोदी ने मास्क के प्रभावी उपयोग और शारीरिक दूरी जैसे उपायों को सुनिश्चित करने की जरूरत बताई|
बैठक के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में कहा कि “कोरोना की मौजूदा स्थिति पर व्यापक चर्चा की| स्वास्थ्य सेवा से बुनियादी ढांचे, 15 से 18 वर्ष के किशोरों समेत टीकाकरण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की और गैर-कोरोना स्वास्थ्य सेवाओं को निर्बाध रूप से जारी करने पर बात की|’