
अब केदारनाथ पैदल मार्ग पर बीमार व कमजोर घोड़ा-खच्चर का संचालन करने पर संचालक और पशु स्वामी के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी| साथ ही अर्थदंड भी लगाया जाएगा| यात्रा मार्ग पर पशु चिकित्सक, सेक्टर अधिकारी और म्यूल टास्क फोर्स पशुओं की निगरानी करेगी|
जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार ने इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं|
इसके अलावा केदारनाथ घोड़ा पड़ाव पर 40 लाख की लागत से रेन शेल्टर तैयार किया जाएगा|
इस संबंध में जिलाधिकारी डॉ. सौरभ गहरवार ने कहा, केदारनाथ यात्रा में घोड़ा खच्चै से किसी भी तरह की पशु क्रूरता ना हो इसके लिए निरंतर निगरानी की जाएगी| घोड़ा खच्चरों से जुड़ी पूरी जानकारी पोर्टल पर और सेक्टर अधिकारियों के व्हाट्सएप पर देने के लिए कहा गया है| पशुपालन विभाग से कहा गया है कि पशु चिकित्सक के प्रमाण पत्र के आधार पर पशुओं का संचालन किया जाए|
इसके अलावा बता दें गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर अब श्रद्धालु बीच रास्ते से भी घोड़ा-खच्चर की सेवा ले सकेंगे| इसके लिए डीएम ने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और जिलाधिकारी को पोर्टेबल व्यवस्था के तहत पैदल मार्ग पर आठ स्थान चिन्हित करने के निर्देश दिए हैं| जहां से घोड़ा-खच्चर मिल सकेंगे| यहां 5 से 10 घोड़े-खच्चर रहेंगे| इन पशुओं को धूप और बारिश से बचने के लिए रेन शेल्टर बनाए जाएंगे|

