आर्थिक समृद्धि का पुराना गौरव हासिल करेगा भारत, बनेगा फिर से ‘सोने की चिड़िया’ -: आरबीआइ

नई दिल्ली| भारत एक बार फिर ‘सोने की चिड़िया’ बना सकता है या यूं कहें कि मौजूदा आर्थिक विकास दर के जरिए इस सदी के अंत तक हम वैश्विक स्तर पर आर्थिक तौर पर वहीं मुकाम हासिल कर सकते हैं जो अंग्रेजों के आने से पहले मुगलकालीन भारत को हासिल था। यह बात भारतीय रिजर्व बैंक ने सोमवार को जारी अपनी मासिक रिपोर्ट (जुलाई, 2023) में कही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, भारत की अर्थव्यवस्था एक जबरदस्त बदलाव के मोड़ पर है और यह अपनी पूरी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन करने की तरफ अग्रसर है।


केंद्रीय बैंक ने पहले भी भारत की अर्थव्यवस्था की प्रगति को लेकर बड़े ऐलान किये हैं, लेकिन इतनी आशावादिता पहली बार उसकी रिपोर्ट से सामने आई है। हालांकि हाल ही में अमेरिका की एक विख्यात शोध एजेंसी गोल्डमैन सैश ने कहा है कि भारत वर्ष 2075 तक दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकोनोमी बन जाएगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, ऐसा माना जा रहा है कि अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने के लिहाज से भारत एक बड़े बदलाव के मोड़ पर है। मौजूदा आर्थिक विकास दर से ही यह मौजूदा सदी के अंत तक दुनिया की दूसरी सबसे बडी इकोनोमी बन सकता है और हो सकता है कि यह औपनिवेशिक शक्तियों के आने से पहले वर्ष 1700 तक विश्व अर्थव्यवस्था में इसका जो प्रभुत्व था उसे भी हासिल कर ले। इसके बाद आरबीआइ ने उन कारणों को बताया है जिसकी वजह से वह इतना आशावाद है।
इसमें सबसे पहले देश में ढांचागत क्षेत्र की तेजी से बेहतर होती स्थिति का जिक्र किया है। केंद्रीय बैंक कहता है कि, हमने 60 लाख किलोमीटर से ज्यादा लंबी सड़कें बनाई हैं, दुनिया के कुछ बेहतरीन हवाई अड्डों का निर्माण किया है, ऐसा डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया है जिसकी पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है, सौर उर्जा संयंत्र स्थापित करने में इस साल दुनिया के सबसे बड़े देश बनने के कगार पर हैं। केंद्रीय बैंक फिर बताता है कि, भारत दुनिया में सेवा निर्यात के मामले में सातवें स्थान पर है।