अल्मोड़ा:- रानीखेत में ध्वस्त किया गया वन भूमि पर बना धार्मिक स्थल

वर्तमान समय में उत्तराखंड राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाया जा रहा है और अवैध रूप से बने धार्मिक स्थलों को भी ध्वस्त किया जा रहा है। वही अल्मोड़ा में भी धार्मिक गतिविधियों की आड़ में वन भूमि और सरकारी जमीन अवैध रूप से कब्जाने के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। प्रशासन वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने आरक्षित वन क्षेत्र में बने अवैध धार्मिक स्थल को ध्वस्त कर दिया। बता दें कि यह स्थल वन भूमि पर सालों से स्थापित था और इसे ध्वस्त करने पर किसी भी तरह का कोई विरोध नहीं हुआ। रानीखेत छावनी क्षेत्र में वन भूमि पर कई धार्मिक स्थल चिन्हित किए गए हैं और अवैध रूप से बने धार्मिक स्थलों को ध्वस्त किया जाएगा। रानीखेत के वन क्षेत्राधिकारी तापस मिश्रा का कहना है कि आरक्षित वन क्षेत्र क
कंपाट संख्या एक में सर्वेक्षण में स्थल को अवैध पाया गया जिसके बाद इस धार्मिक स्थल की देखरेख करने वालों को नोटिस देकर इस संबंध में जानकारी दी गई लेकिन वहां से कोई जवाब नहीं आया जिसके बाद प्रशासन की मौजूदगी में जेसीबी से इसे ध्वस्त कर दिया गया और लोगों द्वारा कोई विरोध नहीं किया गया। कार्यवाही के दौरान तहसीलदार मनीषा मारकाना, कोतवाल अरुण कुमार समेत वन विभाग के अधिकारी और अन्य कर्मचारी भी वहां पर मौजूद रहे।