
उत्तराखंड राज्य अपने धर्म स्थलों के चलते देवभूमि के नाम से जाना जाता है और यहां चार धाम यात्रा के लिए पर्यटक लाखों की संख्या में दर्शन करने के लिए आते हैं और केदारनाथ धाम की तर्ज पर अब बद्रीनाथ धाम में भी प्राकृतिक गुफाओं को ध्यान गुफा के रूप में परिवर्तित किया जा रहा है। इन गुफाओं के द्वार पर पत्थर की दीवार खड़ी करके दरवाजे लगाए गए हैं और आगामी यात्रा सीजन के दौरान श्रद्धालु बद्रीनाथ नगर पंचायत द्वारा तैयार किए गए इस गुफा में साधना कर पाएंगे और धाम के कपाट खुलने से पूर्व ध्यान केंद्रों के लिए शुल्क भी तय कर लिया जाएगा। बता दें कि बद्रीनाथ में मंदिर से लगभग 500 किलोमीटर की दूरी पर नारायण पर्वत में ऋषि गंगा के किनारे विशाल चट्टानों के नीचे प्राकृतिक गुफाएं है और इनमें दो गुफाओं को बद्रीनाथ नगर पंचायत ने ध्यान केंद्र के रूप में विकसित किया है। इससे शौचालय भी जुड़े हुए हैं और इसके अलावा दो अन्य गुफाओं को भी ध्यान केंद्र बनाया गया है। यही नहीं बल्कि यहां जो भी श्रद्धालु साधना करेंगे उन्हें नगर पंचायत की ओर से योगा मैट व स्लीपिंग बैग उपलब्ध कराया जाएगा। जानकारी के मुताबिक कपाट खुलने से पूर्व ध्यान केंद्रों के लिए बुकिंग शुरू कर दी जाएगी तथा इसके साथ ही ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था और शुल्क भी निर्धारित कर दिया जाएगा। ध्यान केंद्र सोलर लाइट सिस्टम से रोशन रहेंगे और पास ही ऋषि गंगा की जलधारा भी बहेगी। इन ध्यान केंद्रों तक पहुंचने के लिए नगर पंचायत द्वारा बामणी गांव के पुल से ऋषि गंगा के किनारे- किनारे पैदल ट्रैक बनाया गया है और इसे ऋषि गंगा रिवर फ्रंट ट्रैक के रूप में विकसित किया जाएगा।

