Uttarakhand- नाबालिग छात्रों के लिए बड़ी खबर

उत्तराखंड राज्य में नाबालिग छात्रों के लिए एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है। बता दें कि मोटर व्हीकल एक्ट में सजा के कई प्रावधान किए गए हैं और बाल अपराध न्यायालय ऐसे नाबालिक का 25 वर्ष आयु सीमा तक ड्राइविंग लाइसेंस बनाने पर रोक लगा सकता है जोकि नाबालिग होते हुए दोपहिया वाहन चलाने व यातायात सुरक्षा को लेकर बिल्कुल भी सावधान नहीं है। बता दें कि दोपहिया वाहन चलाने और यातायात सुरक्षा को लेकर मुनीकीरेती पुलिस का अभियान जारी है और इसे लेकर ओंकारानंद इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में यातायात सुरक्षा गोष्ठी का आयोजन भी किया गया। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह द्वारा गई चीजों के बारे में जानकारी दी गई। प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह द्वारा बताया गया कि मोटर व्हीकल एक्ट 2019 में संशोधन हो चुका है और धारा 199 ए के तहत दोपहिया चलाने वाले नाबालिग के संरक्षक और वाहन स्वामी पर भी कानून के तहत ₹25000 का जुर्माना लगाया जा सकता है तथा इसके अलावा 3 वर्ष की सजा भी हो सकती है। इतना ही नहीं बल्कि बाल संरक्षण न्यायालय ऐसे नाबालिक का ड्राइविंग लाइसेंस 25 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक रोक सकती है। यानी कि जो भी नाबालिक नियमों का उल्लंघन करते हुए दोपहिया वाहन चलाएगा उसका ड्राइविंग लाइसेंस 25 वर्ष की आयु पूर्ण होने तक रुक सकता है। बता दें कि इस मामले में ना सिर्फ अभिभावक बल्कि विद्यालय प्रबंधन की भी बड़ी जिम्मेदारी है इसलिए कई विद्यालयों को भी नोटिस भेजे गए हैं।