डब्ल्यूएचओ के चीफ ने बताया वैश्विक महामारी को हराने का फार्मूला

वर्तमान में पूरी दुनिया कोविड महामारी से जूझ रही है इस महामारी के नए- नए वेरिएंट आकर इस महामारी को और अधिक मजबूत करने में जुटे हैं यह एक ऐसी महामारी है जिससे निपटना पूरी दुनिया के लिए काफी मुश्किल साबित हो रहा है अब इस महामारी से जूझते हुए दुनिया को 3 साल हो गए हैं। ऐसे में डब्ल्यूएचओ के चीफ टैड्रास एडहेनाम घेबरेयेसस का कहना है कि इस महामारी से लड़ने के लिए दुनिया के सबसे पहले असमानता को हराना होगा और यदि दुनिया ने असमानता को हरा दिया तो मुझे लगता है कि यह साल इस महामारी का आखरी साल होगा।

तथा उन्होंने यह भी कहा कि इसे हराने के लिए 70% वैक्सीनेशन असरदार होगा। ना सिर्फ वैक्सीनेशन बल्कि हमारे पास इससे लड़ने व इसका सामना करने के लिए काफी हथियार भी हैं मगर दुनिया को एकजुट होकर इस बीमारी के खिलाफ खड़ा होना पड़ेगा। आज कोविड-19 से कोई भी देश अछूता नहीं है सभी इस महामारी की मार झेल रहे हैं। तथा इस महामारी से दुनिया में कई लोगों के ना सिर्फ स्वास्थ्य बल्कि रूटीन वैक्सीनेशन और फैमिली प्लानिंग भी प्रभावित हुई है। ऐसे कई रोगों का इलाज भी प्रभावित हुआ है।

साथ में उन्होंने यह भी कहा कि यदि डब्ल्यूएचओ द्वारा लांच किए गए पहले मलेरिया वैक्सीन का उपयोग यदि पूरे विश्व में किया जाता है तो इससे हर साल हजारों लोगों की मौत होने से बच जाएगी व लोगों को इससे एक नई उम्मीद मिलेगी। लेकिन उसके लिए दुनिया में सभी को एक साथ खड़ा रहकर सारे उपाय आजमाने होंगे और इस महामारी को हराना होगा और इस महामारी को हराने से पहले असमानता को हराना होगा और यदि ऐसा दुनिया ने कर लिया तो यह इस बीमारी का आखरी साल होगा।