
उत्तराखंड राज्य में महिलाएं राखी के त्यौहार को लेकर काफी जोरों- शोरों से तैयारी कर रही हैं। बता दे कि रक्षाबंधन के कुछ ही दिन बचे हैं और बाजार में काफी रंग- बिरंगी राखियां मिल रही है लेकिन उत्तराखंड में हर साल की तरह इस बार भी महिलाएं कुछ खास राखियां बना रही है। उत्तरकाशी में महिलाएं गंगा डॉल नाम से राखियां तैयार कर रही हैं उन्होंने इन राखियों का नाम गंगा डॉल रखा है और एक माह के अंतर्गत नेताला गांव की महिलाओं ने 50,000 राखियां तैयार की जिनमें से 45,000 मानव उत्थान संस्था गुजरात को बेची गई हैं। इससे उन्हें 4.50 लाख रुपए की आमदनी हुई है। बता दें कि ग्रामीण उद्यम वेग वृद्धि परियोजना के प्रबंधक कपिल उपाध्याय द्वारा इन महिलाओं को प्रोत्साहित किया गया है। मां गंगा कृषि उत्थान एवं विपणन स्वायत्त सहकारिता के अंतर्गत मां दुर्गा एवं शिव शक्ति स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने यह राखियां तैयार की। यह राखियां ऊन से बुनाई एवं कढ़ाई करके तैयार की गई है और राखी को डॉल का रूप दिया गया है। बता दे कि राखी के दाम केवल ₹10 प्रति राखी के हिसाब से रखे गए हैं। 45000 राखियां बेचने के बाद समूह की महिलाओं ने 5000 गंगा डाल राखियों को मुख्यमंत्री सशक्तिकरण योजना के अंतर्गत विकासखंड भटवाड़ी के नेताला गांव में स्टाल लगाकर रखा है जहां से यह राखियां बेची और खरीदी जा रही हैं।

