
उत्तराखंड राज्य के केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में पहली बार एटीएस प्रणाली का प्रयोग होने जा रहा है ऐसे में पल-पल मौसम की जानकारी मिलती रहेगी। केदारनाथ और बद्रीनाथ, गंगोत्री, हेमकुंड साहिब उच्च हिमालयी क्षेत्र होने के चलते यहां मौसम कब बदल जाए कुछ पता नहीं रहता घाटियों में धुंध और बारिश हेलीकॉप्टरों की उड़ान में बाधा उत्पन्न करता है इसके साथ-साथ कई बार हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार भी हो जाते हैं ऐसे में एटीएस प्रणाली का प्रयोग किया जाएगा जिससे कि पल-पल मौसम की जानकारी मिलेगी और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण की ओर से केदारनाथ हेली सेवा के लिए 25 फरवरी तक टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी तथा यात्रियों की सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।

