
उत्तराखंड राज्य में आज बुधवार के दिन चर्चा के बाद समान नागरिक संहिता कानून को लेकर विधेयक पारित होना तय माना जा रहा है। सदन के सारे कामकाज स्थगित कर सदन में 202 पृष्ठों का यूसीसी विधेयक सरकार लेकर आई और अब आज यह विधेयक पास होने के बाद उत्तराखंड एक नई उपलब्धि अपने नाम कर लेगा।
बता दे कि पूरे 2 साल की मेहनत के बाद विधानसभा के पटल पर बीते मंगलवार को यह विधेयक रखा गया और अब सदन में यह बिल पेश करने वाला तथा इसे पारित करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य होगा। विधेयक में प्रावधान के मुताबिक बेटा और बेटी को संपत्ति में समान अधिकार देने और लिव इन रिलेशनशिप में पैदा होने वाली संतान को भी संपत्ति में हकदार माना गया है। बता दे कि समान नागरिक संहिता कानून अनुसूचित जनजाति समुदाय के लोगों पर लागू नहीं होगा। विधानसभा में भाजपा को स्पष्ट बहुमत प्राप्त है और भाजपा के 47 सदस्य हैं वहीं निर्दलीय विधायकों का समर्थन भी इस विधेयक को प्राप्त है इसलिए यूसीसी विधेयक पारित करने में कोई कठिनाई नहीं आएगी और विधेयक पारित होने के बाद राज्यपाल के माध्यम से अनुमोदन के लिए राष्ट्रपति को भी भेजा जा सकता है।

