
कभी-कभी इंसान को लालच ऐसे काम करा देता है जिसके बाद जीवन में इंसान हमेशा अफसोस करता है और पैसा व्यक्ति को चोर ,डाकू, हत्यारा कुछ भी बना देता है। बता दें कि देहरादून में जल्द से जल्द अमीर बनने की लालसा में प्लंबरिंग और वेल्डिंग करने वाले युवक ही चोर बन गए। इन दोनों युवकों ने चोरी के लिए देहरादून शहर को चुना और यहां पर इन लोगों ने चार मोटरसाइकिल भी चोरी कर ली जिन्हें बेचने के लिए यह लोग सहारनपुर जाने लगे मगर नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस द्वारा इन्हें पकड़ लिया गया। प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस अधीक्षक सरिता डोबाल ने बताया कि नेहरू कॉलोनी थाने में सौड़ा सरोली निवासी आशीष कुमार द्वारा बायपास रोड से मोटरसाइकिल चोरी होने की तहरीर दी गई जिसके बाद थाना अध्यक्ष इंस्पेक्टर मुकेश त्यागी ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की और यह मामला बायपास चौकी इंचार्ज देवेश खूगशाल को सौप दिया गया। पुलिस ने बाइक चोरी होने के घटनास्थल के आसपास के सारे सीसीटीवी कैमरे भी चेक किए जिसमें पुलिस ने दो व्यक्तियों को मोटरसाइकिल ले जाते हुए देखा।सीसीटीवी के जरिए पुलिस द्वारा युवकों की पहचान की गई और उनकी तलाश शुरू कर दी गई जिसके बाद पुलिस ने उन दोनों आरोपितों को बीते 5 सितंबर को दून यूनिवर्सिटी रोड से गिरफ्तार कर लिया।
इन दोनों आरोपियों की पहचान रमन कंबोज और सनी कंबोज निवासी टोडा टांडा बिहारीगढ़ सहारनपुर उत्तर प्रदेश के रूप में की गई है यह दोनों मोटरसाइकिल चोरी करते थे जिसके बाद खेत में उन्हें छुपा देते थे। आरोपितों ने चार मोटरसाइकिल चुराई और उन्हें खेतों में छिपा दिया। यह चारों मोटरसाइकिल देहरादून के अलग-अलग इलाकों से चुराई गई हैं जब पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ की तो पता चला कि यह दोनों से प्लंबर और वेल्डर है तथा इस काम से इन दोनों को ज्यादा पैसे नहीं मिलते इसलिए इन दोनों ने देहरादून आकर वाहन चोरी करने की योजना बनाई। इन दोनों आरोपितों को गिरफ्तार करने वाली टीम के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिलीप सिंह कुंवर ने ₹5000 पुरस्कार देने की घोषणा की है।

