
उत्तराखंड राज्य में सरकार बनाने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार का 1 माह का कार्यकाल पूरा हो चुका है। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चार बड़ी घोषणाएं की है जिसमें समान नागरिकता कानून ,भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज, वृद्धावस्था में पेंशन, तथा सत्यापन अभियान शामिल है।
सबसे पहले हम बात करें समान नागरिकता कानून की तो इस कानून की घोषणा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने पहले कैबिनेट की बैठक में ही कर दी थी।प्रदेशभर में जनसांख्यिकी बदलाव का मसला राज्य वासियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है और इसी कारण सरकार को समान नागरिकता संहिता लागू करने का निर्णय लेना पड़ा। इस कानून के अनुसार उत्तराखंड में रह रहे हर व्यक्ति को समान अधिकार प्राप्त होंगे।
समान नागरिकता कानून के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड के लिए भ्रष्टाचार मुक्त ऐप-1064 लागू किया इस ऐप के माध्यम से उत्तराखंड की जनता यदि कहीं पर भ्रष्टाचार होते हुए देखती है तो वह इसमें शिकायत दर्ज कर सकती है जिसके बाद जनता की शिकायतों पर तुरंत कार्यवाही की जाएगी।
इन घोषणाओं के दौरान उत्तराखंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सत्यापन अभियान की शुरूआत कर दी है इस अभियान के तहत उत्तराखंड में अवैध रूप से रह रहे व्यक्तियों को चिन्हित करके उनके खिलाफ कार्यवाही की जा रही है मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का इस अभियान को शुरू करने का उद्देश्य उत्तराखंड में शांति के वातावरण को बनाए रखना है।
इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घर में पति और पत्नी दोनों को वृद्धावस्था पेंशन का लाभ देने जैसा महत्वपूर्ण निर्णय लिया। पहले जहां घर के एक बुजुर्ग को पेंशन मिलती थी अब दोनों को मिलेगी।इसके अलावा भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कई घोषणाएं की हैं जैसे 1 साल में गरीबों को तीन सिलिंडर मुफ्त देना, सफाई कर्मचारियों तथा पर्यावरण मित्रों समेत कई कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाना आदि।

