Uttarakhand – मजदूरों को बाहर निकालने वाले पाइपों के जरिए सुरंग के अंदर पहुंचे जवान……. पढ़े पूरी खबर

उत्तराखंड राज्य के उत्तरकाशी में स्थित सिल्क्यारा सुरंग का निर्माणकार्य बीते 12 नवंबर से हादसे के बाद बंद कर दिया गया था। बता दें कि सुरंग के अंदर रिसाव से जमा होने वाले पानी को भी बाहर नहीं निकाला जा सका है। सिल्क्यारा सुरंग में डी वाटरिंग के पहले चरण को पूर्ण कर लिया गया है और एसडीएफ के पांच जवान तथा पांच सीनियर और जूनियर इंजीनियर समेत कुल 10 लोग बीते शुक्रवार को डी वाटरिंग के पहले चरण के तहत 5 घंटे तक सुरंग के अंदर गए। वे लोग उन्ही पाइपों के जरिए अंदर गए थे जिनसे हादसे के बाद श्रमिक बाहर आए।

अंदर गए जवानों और इंजीनियरों ने वहां गैस और रिसाव से जमा पानी चेक किया। एनएचआईडीसीएल के अधिकारियों के अनुसार सुरंग में सभी चीज सामान्य है और चिंता की कोई बात नहीं तथा जवान डी वाटरिंग के पहले चरण की सफलता से उत्साहित है। बीते 23 जनवरी को केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा कार्यदायी संस्था को फिर से सुरंग निर्माण की अनुमति दे दी गई थी लेकिन हादसे के दौरान जो मलबा सुरंग में आया था उसके कारण डी वाटरिंग शुरू नहीं हो पाई। डी वाटरिंग से पहले सुरंग में सुरक्षात्मक कार्य पूरे कर लिए गए हैं जिसके तहत सिल्क्यारा वाले मुहाने से 150 से 200 मीटर तक क्षैतिज सुदृरीकरण और सुरंग धसने जैसी स्थिति में बचाव के लिए 80 से 203 मीटर तक 800 एमएम के ह्यूमन पाइप बिछाए गए हैं और यहां पर डी वाटरिंग के पहले चरण को भी सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है।