
उत्तराखंड राज्य केदारनाथ में पहली बार पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह योजना शुरू होने जा रही है यहां पर खच्चरों की लीद और पिरुल से बायोमास पेलेट्स बनाए जाएंगे। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के लिए सरकार द्वारा शुरू की गई है जिस पर कैबिनेट की मुहर लग चुकी है। यात्रा सीजन में गौरीकुंड से केदारनाथ धाम तक श्रद्धालुओं को ले जाने के लिए 8000 से अधिक खच्चर संचालित होते हैं इससे पैदल मार्ग पर खच्चरों के लिए हानिकारक होते हैं जिससे निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने लीद और पिरुल की पत्तियों से बायोमास पेलेट्स बनाने की योजना बनाई है। इन पेलेट्स का प्रयोग ईंधन के रूप में पानी गर्म करने और अन्य तरीके से किया जाएगा।

