Uttarakhand – राज्य में बढ़ी बाघों की संख्या….. नए प्रस्तावो पर चल रहा है मंथन

उत्तराखंड राज्य में बाघों की संख्या में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बता दे कि राज्य में बाघों की कुल संख्या 560 है जिसमें से 476 बाघ नैनीताल, उधम सिंह नगर और कॉर्बेट के जंगलों में गिने गए थे। पिछले ढाई माह में कुमाऊं के पांच लोगों की मौत बाघ के हमले के कारण हो चुकी है और इनमें से तीन घटनाएं भीमताल की है।

बता दे कि गुलदार हर दिन आबादी वाले क्षेत्र में नजर आ रहे हैं जिससे मानव- वन्यजीव संघर्ष की एक बड़ी वजह सामने आई है और जंगल की धारण क्षमता पर असर पड़ने के कारण गुलदार संग कमजोर बाघों को भी मजबूरी में नई जगह का रुख करना पड़ रहा है। यही वजह है कि दिसंबर में बिनसर वन्य जीव अभ्यारण और वृद्ध जागेश्वर तक इसकी मौजूदगी देखने को मिली है ऐसे में अब नए प्रस्ताव पर मंथन किया जा रहा है ताकि जंगल में संतुलन स्थापित किया जा सके और बाघ तथा इंसान दोनों को बचाया जा सके। बता दे कि मंथन के तहत दूसरे राज्यों में भी बाघों को शिफ्ट किया जा सकता है फिलहाल राजस्थान के प्रस्ताव पर गौर किया जा रहा है। उत्तराखंड राज्य की भौगोलिक स्थिति और बाघों की संख्या पर नजर डालें तो कुमाऊं के नैनीताल, उधम सिंह नगर के जंगल में 216 बाघ हैं इन्हें वेस्टर्न सर्किल का जंगल कहा जाता है। उत्तराखंड राज्य में बाघों की संख्या 442 से बढ़कर 560 हो गई है और ऐसे में बाघों को शिफ्ट करने पर विचार किया जा रहा है।