
उत्तराखंड राज्य के देहरादून की विश्व प्रसिद्ध बासमती चावल का रकबा लगातार घटता जा रहा है। बता दे कि बीते चार वर्ष में दून कि बासमती चावल का रकबा 61 प्रतिशत घटकर महज 158 हेक्टेयर रह गया है जो कि पहले 410 था। बासमती के संरक्षण और संवर्धन के लिए अब ट्रेड ,किसान और वैज्ञानिकों के बीच समन्वय स्थापित कर मास्टर प्लान तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।
उत्तराखंड जैव विविधता बोर्ड की ओर से आयोजित कार्यशाला में इसके लिए विभिन्न प्रभावी कदम उठाने पर भी चर्चा की जा रही है। बता दें कि देहरादून बासमती धान के संरक्षण और संवर्धन के लिए महत्वपूर्ण कार्यशाला भी आयोजित की गई और भविष्य में मास्टर प्लान बनाने की रणनीति भी तैयार हुई। बासमती चावल की महक में लगातार गिरावट दर्ज हो रही है और इसलिए यह रणनीति देहरादून बासमती की प्रजाति के कृषिकरण को बढ़ावा देने और संरक्षित करने में कारगर सिद्ध होगी। मुख्य अतिथि वन एवं पर्यावरण मंत्री सुबोध उनियाल ने देहरादून की बासमती के घटते रकबे पर चिंता व्यक्त करते हुए संबंधित कृषि भूमि को बचाने की आवश्यकता के बारे में कहा है।

