
देहरादून| उच्च शिक्षा में गुणवत्ता व छात्र-छात्राओं में नैतिक मूल्यों के विकास के लिए राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम में नैतिक शिक्षा संबंधी विषय भी शामिल किया जाएगा|
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में एकरूपता लाने के लिए सभी उच्च शिक्षण संस्थानों में एक प्रवेश, एक परीक्षा, एक परिणाम और एक चुनाव कार्य योजना को लागू किया जाएगा|
बीते दिवस धन सिंह रावत ने राष्ट्रीय दृष्टि बाधितार्थ संस्थान देहरादून के सभागार में श्री देव सुमन उत्तराखंड विवि से संबंध शासकीय व निजी शिक्षण संस्थानों के साथ बैठक की| इस दौरान कहा कि सभी संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की डिजिटल हेल्थ आईडी अनिवार्य रूप से बनाई जाएगी| इसके लिए छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य से संबंधित सभी जानकारियां ऑनलाइन सुरक्षित रह सकेंगे| और जरूरत पड़ने पर उपयोग कर सकेंगे| साथ ही सभी छात्र छात्राओं के आयुष्मान कार्ड भी बनाए जाएंगी| इसके लिए राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण विश्वविद्यालय के साथ qr-code साझा किया जाएगा| उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों के छात्र-छात्राओं को स्वैच्छिक रक्तदान के लिए e-raktkosh, आरोग्य सेतु एप विभागीय पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा इससे जरूरत पड़ने पर रक्तदान के लिए बुलाया जाएगा| इन संस्थानों में नशा मुक्त अभियान, तंबाकू मुक्त अभियान संचालित किया जाएगा| संस्थानों से नेक मूल्यांकन के लिए अनिवार्य रूप से आवेदन करने को कहा| इसके लिए विश्वविद्यालय माध्यम से अनेक मूल्यांकन कार्यशाला का आयोजन फरवरी में कराया जाएगा|

