Uttarakhand- नाबालिक को बालिक दर्शाना माता-पिता को पड़ा भारी….. कोर्ट ने करी यह कार्यवाही

उत्तराखंड राज्य में मोटर अधिनियम के तहत चालान काटने पर किशोर के माता-पिता ने उसे बालिक दर्शाकर फर्जी प्रमाण पत्र कोर्ट में पेश किए।

बता दें कि यह मामला हरिद्वार से सामने आया है जहां मोटर अधिनियम के तहत चालान काटने पर नाबालिक के माता-पिता ने अपने उसे बालिक दर्शाकर जन्म तिथि से जुड़े फर्जी प्रमाण पत्र कोर्ट में पेश किया और ऐसा कार्य करना माता-पिता को भारी पड़ गया। प्रमाण पत्र फर्जी पाए जाने पर सीजेएम कोर्ट के वरिष्ठ सहायक की तरफ से मां- बेटे समेत तीन आरोपितों के खिलाफ कोतवाली ज्वालापुर से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस के मुताबिक ज्वालापुर की क्षेत्र की दयानंद नगरी वानप्रस्थ निवासी शिवम का यातायात पुलिस ने चालान किया था। चालान के भुगतान के लिए शिवम ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया वाहन स्वामी ने कोर्ट के समक्ष अपने जन्मतिथि के प्रमाण पत्र पेश करते हुए खुद को बालिक दर्शाया और जब मामले में जांच की गई तो सच सामने आया और पता चला कि जन्मतिथि वर्ष 2004 नहीं बल्कि वर्ष 2006 है तथा स्कूल ने जन्मतिथि से जुड़े कोई दस्तावेज जारी नहीं किए कोर्ट के समक्ष किशोर की मां रजनी कश्यप ने जो जानकारी दी वह भी झूठ ही निकली। पुलिस ने इस मामले में मां और बेटे समेत तीन आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले में आगे की कार्यवाही की जा रही है।