
देहरादून| अब तक नदियों पर रिवर राफ्टिंग के लिए पर्यटन और विभाग की ओर से संचालकों से प्रतिशत शुल्क लिया जाता था| राज्य में 526 से अधिक रिवर राफ्टिंग गाइड पंजीकृत है|
यहां ऋषिकेश में गंगा में रिवर राफ्टिंग के लिए देश-दुनिया से बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं| कौड़ियाला से लेकर ऋषिकेश तक राफ्टिंग की जाती है|
अब सरकार ने राज्य की अन्य नदियों पर रिवर राफ्टिंग को बढ़ावा देने और स्थानीय लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु शुल्क माफ किया है| जिससे बागेश्वर, टनकपुर, रामनगर क्षेत्र में काली, सरयू, रामगंगा, कोसी के साथ ही टौंस, यमुना, अलकनंदा नदियों में जल क्रीड़ा गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा|
इस मामले में सचिव पर्यटन सचिन कुर्वे ने कहा कि प्रदेश में साहसिक पर्यटन के तहत रिवर राफ्टिंग की काफी संभावना है| जिसको देखते हुए प्रदेश सरकार ने गंगा को छोड़कर अन्य सभी नदियों पर रिवर राफ्टिंग शुल्क में 3 साल तक छूट दी है, इससे स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा|

