
उत्तराखंड राज्य में दसवीं की टॉपर प्रियांशी रावत को डमी स्कूल से परीक्षा देनी पड़ी। बता दें कि प्रियांशी ने उत्तराखंड में अपनी कक्षा में 500 में से 500 नंबर लाकर न सिर्फ राज्य बल्कि यूपी का भी रिकॉर्ड तोड़ा है और प्रियांशी को डमी स्कूल से परीक्षा देनी पड़ी तथा मामले में शिक्षा निदेशक महावीर सिंह बिष्ट का कहना है कि इस पर जांच की जाएगी। बोर्ड परीक्षा में प्रियांशी ने शत प्रतिशत अंक प्राप्त किए और प्रियांशी जिस स्कूल में पढ़ती थी उस विद्यालय को दसवीं की मान्यता तक नहीं है।
विभाग के अधिकारियों के मुताबिक राज्य में कई डमी स्कूल चल रहे हैं और मामले में जांच की जाएगी। जेबीएसजीआईसी गंगोलीहाट पिथौरागढ़ की छात्रा प्रियांशी रावत ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और विभाग के आधिकारी शुरुआत में उसे सरकारी इंटरमीडिएट कॉलेज बता रहे थे लेकिन अब बताया जा रहा है कि यह अशासकीय विद्यालय है और इसे डमी स्कूल बताया जा रहा है। बता दे कि डमी स्कूल में छात्र को नियमित स्कूल के साथ एक छात्र के रूप में प्रवेश दिया जाता है लेकिन वह नियमित कक्षाओं के रूप में भाग नहीं लेते यह स्कूल कोचिंग संस्थानों और बिना मान्यता चल रहे स्कूलों के साथ मिलकर काम करते हैं इस मामले में अब जांच की जाएगी।

