उत्तराखंड -: अब गोवंश सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगी पहाड़ की युवा-महिलाएं, जाने योजना

देहरादून| अब पर्वतीय क्षेत्रों में गोवंश की सुरक्षा की जिम्मेदारी युवा-महिलाएं संभालेंगी| निराश्रित गोवंश के लिए गौशाला, कांजी हाउस बनाने और संचालन को लेकर लोक निर्माण, पंचायती राज, शहरी विकास व पशुपालन विभाग की संयुक्त बैठक में यह निर्देश दिए गए हैं| बैठक के दौरान यह तय किया गया कि एनजीओ का सत्यापन होने के बाद ही उन्हें पर्वतीय क्षेत्रों में गोसदनों की स्थापना व संचालन की अनुमति दी जाएगी| इसमें महिला एवं युवा स्वयं सहायता समूह का शामिल होना सुनिश्चित किया जाएगा|


पहले से चल रहे गोसदनों में स्थान होने पर पशुपालन शहरी विकास, पंचायती राज विकास आपसी ससमन्वय से अभियान चलाकर एक माह में सभी निराश्रित गोवंश को यहां पहुंचाएंगे|
बता दें खटीमा में संचालित गोसदन में इसकी कार्रवाई सबसे पहले की जाएगी| निराश्रित गोवंश के लिए वनों के पास गोसदन बनाए जाएंगे और वन विभाग से संपर्क करके बाडा बनाया जाएगा| गोसदनों में पशु चिकित्सा अधिकारियों की रोस्टर वाइस ड्यूटी लगाई जाएगी|

नई घोषणा की स्थापना के लिए बजट जिला स्तर पर जिलाधिकारी देंगे| गोसदनो की स्थापना और संचालन की प्रतिदिन प्रगति रिपोर्ट व्हाट्सएप ग्रुप से अपडेट करनी होगी| सभी गोसदन में रिमोट सेंसिंग कैमरे लगाने होंगे| जो भी गोवंश इन गोसदनो में लाया जाएगा उनकी तस्वीर व्हाट्सएप ग्रुप से साझा होगी|