Uttarakhand- पूर्व सैनिकों के बच्चों के लिए आईकार्ड का बना नया नियम…… जानिए इसके फायदे और शर्तें

Uttarakhand- उत्तराखंड राज्य में पूर्व सैनिकों के आश्रितों के आई- कार्ड के लिए नए मानक तय कर दिए गए हैं। बता दें कि सामान्य परिस्थितियों में पूर्व सैनिक के बेटे का 25 साल की आयु पूरी कर लेने या शादी होने तक ही पहचान पत्र बन पाएगा उसके बाद आई-कार्ड को रिन्यू नहीं किया जाएगा। इसी प्रकार बेटी के आई- कार्ड के लिए स्पष्ट मानक लागू किए गए हैं। निदेशक सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास ब्रिगेडियर अमृतलाल ने इसकी पुष्टि की है। उनके द्वारा बताया गया कि केंद्रीय सैनिक बोर्ड के स्तर से मानकों में संशोधन किया गया है। इसे उत्तराखंड में भी लागू कर दिया गया है। जहां एक तरफ पहले बेटे के मामले में 25 साल की आयु अथवा दिव्यांगता की वजह से बेरोजगार रहने पर जीवन पर्यंत आई- कार्ड बनने की व्यवस्था थी इसमें अब विवाह को भी जोड़ दिया गया है। नई व्यवस्था के अंतर्गत बेटे के मामले में आई- कार्ड 25 साल की आयु बेरोजगार रहने या विवाह होने तक ही बनाया जाएगा। बेटियों के लिए भी यही नियम लागू होगा लेकिन बेटियों के लिए अब एक नई श्रेणी भी बना दी गई है इसके तहत विधवा, तलाकशुदा बेटियों के आई- कार्ड बनते रहेंगे बस शर्त यह है कि उनकी मासिक आय ₹9000 से अधिक न हो यदि बेटा और बेटी किसी स्थायी बीमारी से पीड़ित दिमागी अक्षमता और शारीरिक अक्षमता के कारण जीविकोपार्जन में असमर्थ हो तो उनका आई- कार्ड नियमित रूप से बनता रहेगा लेकिन उनके मासिक आय ₹9000 से कम होनी चाहिए।