
उत्तराखंड राज्य के पौड़ी जिले में हुए बस हादसे के बाद लालढांग और आसपास के गांवों में रहने वाले लोगों ने ना ही दशहरा मनाया और ना ही उनके घरों में चूल्हा जला। बता दें कि नया गांव, रसूलपुर, आर्य नगर समेत आसपास के 30 से अधिक गांवों में मातम का माहौल छाया हुआ है।दरअसल मंगलवार की रात को बारातियों से भरी बस खाई में गिरने से कई लोगों की मौत हो गई। इस कारण ग्रामीणों के आस-पास के गांवों में ना ही रामलीला हुई और ना ही दशहरा मनाया गया। बता दें कि हर वर्ष लालढांग के गांधी चौक पर रावण का पुतला जलाया जाता है मगर जैसे ही बस दुर्घटना की जानकारी ग्रामीणों को मिली लालढांग और उसके आसपास के गांव में रावण का पुतला दहन भी नहीं किया गया।
वहीं दूसरी तरफ शादी वाले घर में मातम छा गया। क्योंकि बस खाई में गिरने के बाद यह शादी अधूरी रह गई तथा दूल्हा और दुल्हन दोनों के परिवारों में मातम का माहौल है। लोगों का रो- रो कर बुरा हाल हो रहा है। इस हादसे के बाद उत्तराखंड राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा घटनास्थल का जायजा लिया गया।मुख्यमंत्री द्वारा जिला प्रशासन से पूरी जानकारी ली गई तथा उन्होंने घायलों का त्वरित और समुचित उपचार करने हेतु निर्देश भी दिए। उसके बाद उन्होंने प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और कहा कि घायलों का उपचार चल रहा है। साथ में उन्होंने यह भी कहा कि प्रभावित परिवारों को हर संभव मदद दी जाएगी। बता दें कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया गया तथा उन्होंने अधिकारियों को हालातों पर लगातार नजर बनाए रखने एवं शासन स्तर से हरसंभव मदद उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

