
देहरादून| राज्य में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने शराब के टेट्रा पैक की बिक्री को लेकर दायर जनहित याचिका को निरस्त कर दिया है, साथ ही टेट्रा पैक की बिक्री पर लगी रोक हटा दी गई है और सरकार से टेट्रा पैक पर क्यूआर कोड लगाने तथा प्रति पैक 10 रुपए प्रोत्साहन राशि देने के लिए कहा है|
दरअसल, राज्य सरकार की ओर से पेश शपथ पत्र में कहा गया कि सभी उत्पादक निर्माताओं को निर्देश दे दिए गए हैं कि सभी टेट्रा पैक पर क्यूआर कोट लगाएं| इस आधार पर कोर्ट ने जनहित याचिका को निरस्त कर दिया है|
यह याचिका चंपावत निवासी नरेश चंद्र ने दायर की थी|
कोर्ट ने सिंगल यूज प्लास्टिक मामले को इससे जोड़ते हुए टेट्रा पैक की श्रेणी में बिकने वाले अन्य उत्पादों पर भी बारकोड लगाने और उनके रेपर को विक्रेता तक वापस लेने की नीति का प्रावधान कोर्ट में पेश करने के लिए कहा|
कहा कि नागरिक अपनी नैतिक जिम्मेदारियों का उल्लंघन कर रहे हैं इसलिए कोर्ट का कर्तव्य है कि उनको इसकी याद दिलाई जाए|
बता दें कि पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा था कि वेस्ट के निस्तारण के लिए सरकार क्या कदम उठा रही है| इस संबंध में जवाब पेश करते हुए राज्य सरकार ने कहा था कि इस मामले को सरकार गंभीरता से ले रही है और टेट्रा पैक पर बारकोड लगाकर उसे वापस लेने की नीति बना रही है|
याचिका में कहा गया था कि सरकार की नई आबकारी नीति के अनुसार शराब के 200ml की पैक को टेट्रा पैक में बेचने की योजना है| यह सरकार के प्लास्टिक वेस्ट नियमावली के विरुद्ध है| इसकी वजह से पर्यावरण को नुकसान होगा| याचिकाकर्ता ने इस पर रोक लगाने की मांग की थी और कहा गया था कि सरकार एक और प्लास्टिक कूड़े पर रोक नहीं लगा पा रही है दूसरी तरफ टेट्रा पैक में इसे बेचने की अनुमति भी दे रही है| जिसकी वजह से प्रदूषण और अधिक बढ़ेगा|

