
उत्तराखंड राज्य के हरिद्वार जिले में नंदा गौरा योजना के मामले में फर्जीवाड़े की खबर सामने आई है और लाभार्थियों के चयन में हो रहे फर्जीवाड़े को लेकर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने पत्र लिखते हुए विभागीय सचिव को इस मामले में पुलिस एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि नंदा गौरा योजना में 193 आवेदनों के आय प्रमाण पत्रों में छेड़छाड़ की प्रारंभिक जांच में पुष्टि हुई थी। मंत्री का कहना है कि यह योजना सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है और इसमें गड़बड़ी होना बेहद ही गंभीर और खेदजनक स्थिति है। इसे हर हाल में रोकना आवश्यक है। मंत्री द्वारा ना सिर्फ हरिद्वार बल्कि अन्य जिलों में भी जांच के निर्देश दे दिए गए हैं क्योंकि हरिद्वार के अलावा अन्य जिलों में भी ऐसी गड़बड़ी सामने आ सकती है। इसलिए हरिद्वार के साथ-साथ अन्य जिलों में लाभार्थियों के अभिलेखों की जांच कराने के निर्देश अधिकारियों को दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा है कि यह सुनिश्चित होना चाहिए कि कोई भी अपात्र किसी पात्र का हक छीन कर योजना का लाभ प्राप्त न कर सकें। हरिद्वार में इस तरह की गड़बड़ी सामने आने के बाद मंत्री रेखा आर्य ने विभागीय सचिव को पत्र लिखा जिसमें उन्होंने गलत तरीके से आय प्रमाण पत्र में छेड़छाड़ करने वालों के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज करवाने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि इसे हर हाल में रोका जाना चाहिए।

