Uttarakhand-ड्रॉपआउट रोकने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा मेधावी छात्रवृत्ति योजना का प्रस्ताव कैबिनेट में रखने के दिए गए निर्देश

उत्तराखंड राज्य के विद्यालयों में बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं और राज्य के सरकारी विद्यालयों में इस प्रकार के ड्रॉपआउट की समस्या काफी गंभीर होती जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए कहा है कि जिस कारण बच्चे ड्रॉपआउट कर रहे हैं उन कारणों का विस्तृत अध्ययन कर ठोस कार्य योजना बनाई जाए तथा ड्रॉपआउट पर अंकुश लगाने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा मेधावी छात्रवृत्ति योजना का प्रस्ताव अगली कैबिनेट में रखने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को सचिवालय में वर्ष 2025 तक सशक्त उत्तराखंड को लेकर विद्यालयी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा, कौशल विकास और खेल विभाग के लिए तय लक्ष्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में समग्र विकास के लिए अल्पकालिक एवं दीर्घ योजनाओं के क्रियान्वयन पर विभागों को गंभीरता से काम करना होगा तथा निर्धारित किए गए लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए सुनियोजित प्रयास किए जाने चाहिए। इसकी समीक्षा भी की जानी चाहिए। जानकारी के मुताबिक प्रदेश में ड्रॉपआउट की दर माध्यमिक स्तर पर 5%, उच्च प्राथमिक में 2% और प्राथमिक में 0.8% है तथा सरकारी विद्यालयों में ड्रॉपआउट की समस्या कुछ हद तक सुलझ सके इसके लिए मेधावी छात्रवृत्ति का प्रस्ताव अगली कैबिनेट में रखा जाए।