Uttarakhand- राज्य में मतदान को लेकर चलाए गए जागरूकता अभियान के बावजूद अवैध मतों की संख्या में हुई बढ़ोतरी

उत्तराखंड राज्य में बीते 14 फरवरी 2022 को मतदान संपन्न हुआ है उससे पहले ही निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को मतदान करने के लिए जागरूक किया। मतदाता अपने मत का प्रयोग कर पाए इसलिए निर्वाचन आयोग द्वारा यह अभियान भी चलाया गया। मगर उसके बाद भी कई कारणों से प्रदेश में हुए चुनाव में अवैध मतो व नोटा की संख्या बढ़ती जा रही है। कई ऐसे मत है जोकि मतदाताओं को पसंद ना होने के कारण किसी भी प्रत्याशी के खाते में नहीं गए और इन्हीं में ईवीएम, डाक मतपत्र और नोटा शामिल है। इतना अभियान चलाने के बाद भी उत्तराखंड में पूर्ण रूप से सक्षम मतदान नहीं हो पाया तथा अवैध मतों की संख्या में बढ़ोतरी देखी गई। और यह बढ़ोतरी तब देखी गई जब निर्वाचन आयोग द्वारा लगातार लोगों को मतदान के लिए जागरूक किया जा रहा था। तथा इन अवैध मतों के कारण ही प्रत्याशियों की हार-जीत पर काफी असर पड़ता है। इसलिए आयोग द्वारा बार-बार लोगों से मतदान करने की अपील की जा रही थी मगर कई लोगों ने ईवीएम, नोटा दबाकर अपने मतों को किसी भी प्रत्याशी की खाते में नहीं डाला।