
दीपावली का पर्व सबके जीवन में खुशियां लेकर आता है। मगर जहां एक ओर लोग दीपावली में सोना, चांदी खरीद रहे हैं वहीं दूसरी ओर पिथौरागढ़ के 52 ऐसे परिवार हैं, जो कि खानाबदोशो का जीवन जी रहे हैं और उनके रहने का कोई ठिकाना नहीं है। बता दें कि 3 महीने पहले आई आपदा में यह परिवार अपना सब कुछ खो चुके हैं जिसके बाद खानाबदोशो की तरह राहत शिविर में अपना जीवन काट रहे हैं।3 महीने पहले बारिश के कारण धारचूला के मल्ली बाजार और देवल में भूस्खलन के कारण छह मकान पूरी तरह नष्ट हो गए और दर्जनों मकान क्षतिग्रस्त हो गए जिनमें मलबा भर गया। पेयजल लाइनें, मार्ग पूरी तरह से ध्वस्त हो गए। जिसके बाद 52 परिवारों को जवाहर सिंह नबियाल स्टेडियम में बनाए गए राहत शिविर में रखा गया था।इन परिवारों को तब भरोसा दिया गया था कि जल्दी ही विस्थापन किया जाएगा मगर 3 माह बीत गए हैं इनके पास रहने के लिए कोई घर नहीं है। ठंड आ रही है और बढ़ती ठंड के साथ इन लोगों की मुसीबतें भी बढ़ रही है। प्रभावितों का कहना है कि वे लोग दशहरा भी नहीं मना पाए और शिविरों में आए दिन उनके बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। उनका कहना है कि दीपावली कैसे मनाए क्योंकि यहां पर वे लोग तमाम दुश्वारियां झेल रहे हैं।वहीं दूसरी तरफ ठंड का मौसम उनकी परेशानियां और अधिक बढ़ा रहा है।

