
उत्तराखंड राज्य के हाई कोर्ट ने सरकार से दो हफ्ते में जवाब मांगा है। बता दे कि हाई कोर्ट बाढ़ से बढ़ रहे खतरे को लेकर गंभीर हो चुका है। हाई कोर्ट ने नंधौर सहित गौला, कोसी ,गंगा, दाबका में हो रहे कटाव व बाढ़ से नदियों के मुहाने अवरुद्ध होने से आबादी क्षेत्र में जल भराव , भू- कटाव से निजात दिलाने को लेकर दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई की तथा इस मामले में राज्य सरकार से दो सप्ताह में जवाब पेश करने के लिए कहा है तथा कोर्ट ने इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को तय की है। जानकारी के मुताबिक मुख्य न्यायाधीश न्याय मूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में हल्द्वानी चोरगलियां निवासी भुवन पोखरियाल की जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।याचिका में नदियों से आबादी पर मंडरा रहे खतरे के बादलों को लेकर कहा गया था कि राज्य में मानसूनी बारिश में नदियां उफान पर है और नदियों के मुहाने अवरुद्ध होने के कारण बाढ़ तथा भू- कटाव हो रहा है जिसके चलते आबादी वाले क्षेत्र में जल भराव हो रहा है। नदियों का चैनलाइज नहीं होना बाढ़ का सबसे बड़ा कारण है। चैनलाइज नहीं होने के कारण पानी का बहाव आबादी की तरफ कर दिया गया है जिसकी वजह से नदियों के किनारे शहरों पर बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। इस मामले में हाई कोर्ट ने सरकार से दो हफ्ते के भीतर जवाब दाखिल करने की मांग की है।

