Uttarakhand- नेपाल के पूर्व पीएम ने भारत के तीन क्षेत्रों को बताया नेपाल का हिस्सा….. फहराया नेपाल का ध्वज

नेपाल के पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली ने भारत के तीन क्षेत्रों को नेपाल का हिस्सा बताया। बता दें कि उन्होंने भारत की सीमा से लगे नेपाल के बैतड़ी जिले के जुलाघाट में 17 मीटर ऊंचा और 25 फिट व्यास का नेपाल का राष्ट्रीय ध्वज फहराया और आयोजित सभा में उन्होंने भारत के तीन क्षेत्र यानी कि लिपुलेख लिंपियाधूरा और कालापानी को नेपाल का हिस्सा बताया।

उनका कहना था कि भारत के अतिक्रमण को उन्होंने अपने नक्शे में दर्शाकर नक्शा जारी किया है और इस मामले में उनकी वर्तमान सरकार ने मौन धारण कर रखा है तथा वह भारत सरकार से बात नहीं कर रही है। नेपाल के पूर्व पीएम का कहना है कि भारत और नेपाल के बीच झूलाघाट में मोटर पुल निर्माण की बात भी सबसे पहले उनकी सरकार द्वारा भारत सरकार के समक्ष रखी गई थी तथा उन्होंने राष्ट्रीय कार्यक्रम का शुभारंभ पिथौरागढ़ जिले के झुलाघाट से लगे नेपाल के जुलाघाट से किया। जुलाघाट से प्रारंभ हुई 1959 किलोमीटर की यह यात्रा नेपाल के 35 पर्वतीय जिलों से होकर पूर्वी नेपाल के झांपा जिले के इलाम पांचथर चीवा भंज्यांग तक जाने वाली है और झुलाघाट पहुंचने पर ढोल नगाड़ों तथा स्थानीय वाद्य यंत्रों के साथ उनका स्वागत किया गया इसके साथ ही नेपाल के पूर्व पीएम ने जनसभा में कालापानी, लिपुलेख और लिपियाधूरा समेत काली नदी को तार से आवाजाही कर रहे जय सिंह धामी के काली नदी में गिरने के मामले पर भी नेपाल सरकार पर आरोप लगाए। उन्होने कहा कि नेपाल ने इसके लिए भारत की सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल उठाया था और वर्तमान सरकार इस मामले में भारत से वार्ता नहीं कर रही है। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि झुलाघाट व जुलाघाट के बीच काली नदी पर मोटर पुल का उद्देश्य भारत और नेपाल के मध्य व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाना था।