Uttarakhand:- राज्य को नुकसान पहुंचा रही है आग महज 27 दिन में सामने आए सैकड़ो मामले……… पर्यटन कारोबार को पहुंचा नुकसान

राज्य में जंगल की आग ने पूरे राज्य को काफी नुकसान पहुंचाया है। पूरे प्रदेश में पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंचा है और जंगली जानवर से लेकर आम इंसान का सांस लेना मुश्किल हो गया है। राज्य में इस बार वनग्नि की घटनाएं काफी अधिक मात्रा में सामने आ रही है और वन्य जीव भी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते फिर रहे हैं।

जंगल की आग कई गांवो में आबादी तक पहुंच चुकी हैं और अब तेजी से राज्य के जंगल चल रहे हैं। जानकारी के मुताबिक 1 अप्रैल से लेकर 27 अप्रैल तक 559 वनाग्नि की घटनाएं सामने आई हैं। आग लगने की सबसे अधिक घटनाएं कुमाऊँ मंडल से सामने आई है बतान दे कि कुमाऊं से 318 घटनाएं सामने आई हैं और पूरे प्रदेश के 689 हेक्टेयर वन क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब गंभीरता से मामले को संभालना चाहिए था तब विभाग ने नहीं संभाला और अब जब हालात नियंत्रण से बाहर चले गए हैं तो तब विभाग आला अफसर से लेकर जनप्रतिनिधियों को वनाग्नि और पर्यावरण के नुकसान की याद आ रही है। नैनीताल वन विभाग में आग लगने की 28 घटनाएं सामने आई है। बता दें कि जंगल की आग न सिर्फ पर्यावरण बल्कि पर्यटन व्यवसाय को भी नुकसान पहुंचा रही है। भीमताल झील में हेलीकॉप्टर के पानी निकालने के कारण वहां पर पैराग्लाइडिंग, नौकायन सब कुछ रुका हुआ है।