
उत्तराखंड राज्य में बीते 14 सितंबर 2022 को बुधवार के दिन पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का काफिला पौड़ी से कोटद्वार की ओर आ रहा था मगर रास्ते में एक हाथी ने उन्हें रोक दिया। कोटद्वार दुगड्डा के मध्य बरसाती रपटे के समीप सड़क के मध्य से गुजर रहे हाथी से बचने के लिए सभी वाहन सवार अपने-अपने वाहनों को छोड़ वहां से भाग गए और तभी पूर्व सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को भी अपने काफिले के साथ सड़क पर वाहन छोड़ जंगल की ओर भागना पड़ा और वह पहाड़ पर चढ़ गए। इस दौरान उनके एक कर्मी के पैर में चोट भी आई हैं और जैसे ही हाथी आगे बढ़ा उसके बाद उनका काफिला कोटद्वार के लिए रवाना हो गया।
बता दें कि बीते बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पौड़ी में थे जिसके बाद कोटद्वार पहुंचने पर उन्होंने कई बातें कहीं उनका कहना था कि हमें जिलों के निर्माण पर नहीं बल्कि क्षेत्रों के विकास पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विधानसभा में बैकडोर नियुक्तियों में भर्ती घोटाले को प्रदेश पर कलंक बताया और कहा कि प्रदेश का गोमुख विधानसभा है तथा विधानसभा को पवित्र रहना अति आवश्यक है। बता दें कि जिस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत का काफिला हाथी के बीच फंसा उस दौरान उनके सभी कर्मियों में हड़कंप मच गया तथा सभी पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत के साथ पहाड़ पर चढ़ गए हालांकि थोड़ी देर बाद जब हाथी वहां से गुजरा तो वे लोग भी कोटद्वार के लिए रवाना हो गए जिसके बाद कोटद्वार पहुंचने पर पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कई बातों पर चर्चा की।

