Uttarakhand -: पर्वतीय इलाकों में सेवा देने पर डॉक्टरों को मिलेगा मुंह मांगा वेतन, पढ़ें पूरी खबर

देहरादून| राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को देखते हुए अब संविदा पर चिकित्सकों को रखने की तैयारी है| इन चिकित्सकों को उनकी मांग के मुताबिक वेतन दिया जाएगा| लेकिन शर्त यह होगी कि यह चिकित्सक निश्चित अवधि तक पर्वतीय व दुर्गम क्षेत्रों में सेवाएं देंगे|
इस योजना को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहयोग से शुरू करने पर विचार किया जा रहा है|


उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाना सरकार के सामने बहुत बड़ी चुनौती बनी हुई है| विशेषकर चिकित्सकों को दुर्गम क्षेत्रों में भेजने में अभी तक रहीं सरकारें बहुत अधिक सफल नहीं हो पाई है|
प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सकों के कुल 1253 पद स्वीकृत है| इनके सापेक्ष अभी 537 चिकित्सक की तैनात है| 716 पद खाली चल रहे हैं| जो चिकित्सक तैनात हैं वे अधिकतर मैदानी जिलों में ही अपनी सेवाएं दे रहे हैं| चमोली, टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, नैनीताल में इनकी संख्या काफी कम है, जिस कारण पर्वतीय क्षेत्रों में गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों और गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए मैदानी जिलों में दौड़ लगानी पड़ती है| जिस कारण उन्हें अनेक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है| अब इन स्थानों पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती के लिए प्रदेश सरकार ने योजना बनाई है| इससे पहले भी प्रदेश सरकार कई बार योजना बना चुकी है पर हर बार मामला चिकित्सकों के वेतन और सुविधाओं को लेकर अटकता रहा| राज्य सरकार के लिए अपने बजट से इन चिकित्सकों को अधिक वेतन देना संभव नहीं हो पा रहा था, ऐसे में अब राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जरिए इस दिशा में आगे कदम बढ़ाए जा रहे हैं|