Uttarakhand-माता- पिता के बाद शिक्षकों पर बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी…… जानिए क्या बोले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

उत्तराखंड राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रिंसिपल्स प्रोग्रेसिव स्कूल्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑफ प्रिंसिपल एंड टीचर कार्यक्रम में प्रतिभाग किया और इस दौरान मुख्यमंत्री का कहना था कि बच्चों के भविष्य की जिम्मेदारी माता-पिता के बाद शिक्षकों पर होती है और यह जिम्मेदारी काफी महत्वपूर्ण होती है। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों को सम्मानित किया तथा कहा कि समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका होती है। प्राचीन भारतीय शिक्षा पद्धति का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को आत्मनिरीक्षण द्वारा स्वयं को जानने और समझने योग्य बना रहा है। विद्यार्थी के लिए आत्मसाक्षात्कार अत्यंत आवश्यक है तभी प्रतिभा का वह सदुपयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षार्थियों की प्रतिभा को उभारने के लिए कई कार्य किए जा रहे हैं। पीपीएसए प्रौद्योगिकी कौशल और स्कूली पाठ्यक्रम पर खुली और रचनात्मक चर्चा द्वारा विचारों के आदान-प्रदान हेतु एक आदर्श वातावरण प्रदान कर रहा है। साथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत हर क्षेत्र में काफी तेजी से प्रगति कर रहा है। वैश्विक स्तर पर भी भारत का मान बढ़ा है तथा दुनिया के हर क्षेत्र में भारत अपने सामर्थ्य का परिचय दे रहा है और एक बार फिर से प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारत विश्वगुरु के रूप में स्थापित हो रहा है और दुनिया का मार्गदर्शन कर रहा है उनकी दूरगामी सोच से 34 साल के बाद देश को नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति मिली है इसके माध्यम से विद्यार्थियों के संपूर्ण विकास की दिशा में ध्यान दिया जा रहा है।