पढ़े राष्ट्रीय हिंदी दिवस पर जगदीश चंद्र पंत के विचार

आज हिंदी दिवस है। आज के ही दिन 1949 , 14 सितंबर को भारत के संविधान में हिंदी को राजकाज की भाषा यानी राजभाषा घोषित किया गया था। इस वजह से 14 सितंबर को राजभाषा यानी हिंदी दिवस मनाया जाता है । तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 15 साल तक अंग्रेजी का प्रयोग करने की छुट दे दी थी, तभी से आज तक अंग्रेजी सरकारी कार्यालयों में राज कर रही है| हिंदी भाषा कटोरा लेकर उसके प्रयोग करने की भीख मांग रही है। भारत सरकार ने भाषा के प्रयोग के आधार पर तीन श्रेणी क, ख, ग राज्यों को बाट दिया है।

क वर्ग में राज्य सरकार हिंदी का प्रयोग कर रहे हैं । ख वर्ग में राज्य सरकार को उनकी राज्य सरकार की भाषा का प्रयोग करने की पूरी छूट है जिसमे गुजरात, पंजाब , महाराष्ट्र , असम आदि हैं। ग वर्ग के राज्य दक्षिण भारत में हैं। जिन्हें या तो राजभाषा अधिनियम में छुट प्राप्त है या उनको धीरे-धीरे राजभाषा अपनाने की सलाह दी है। सुप्रीम कोर्ट एवं अधीनस्थ न्यायालयों को अभी राजभाषा अधिनियम लागू करने की अनिवार्यता नहीं है। इस वजह से उनको अभी हिंदी का प्रयोग करने में समय लगेगा।


उत्तराखंड सरकार हिंदी का प्रयोग कर रही है क्योंकि यहां की लोक भाषा राजभाषा अधिनियम में अधिसूचित नही हैं। सभी विद्यालयों , महाविद्यलायो, विश्व विद्यालयों में राजभाषा हिंदी को राजकाज में शामिल किया गया है परंतु हाईकोर्ट में याचिका दायर करते समय अगर हिंदी में दायर की जाएगी तो उसका अंग्रेजी अनुवाद भी संलग्न करना होता है, जिसे प्रमाणिक माना जाता है, हिंदी को नही| उत्तराखंड के अधीनस्थ न्यायालयों में हिंदी भाषा में बहस हो रही है।
– जगदीश चन्द्र पन्त, बिठौरिया, हल्द्वानी।