
उत्तराखंड राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए सरकार के साथ पुलिस कर्मचारी भी अपने स्तर पर काफी प्रयास कर रहे हैं। बता दे कि एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा द्वारा नशे के धंधेबाजों को सख्त रूप से कहा गया है कि या तो धंधा छोड़ दो या फिर शहर। किसी भी सूरत में नशे का धंधा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पहली बार रामनगर कोतवाली पहुंचे एससीपी ने लोगों के साथ बैठक कर शहर की समस्याएं जानी। इस दौरान अधिकांश नशे की समस्याओं पर चर्चा की गई। लोगों की जुबान से शहर में बढ़ते नशे और उसे बच्चों पर पडने वाले असर की चिंता जाहिर हुई। एसएसपी से लोगों का कहना था कि वर्तमान समय में 18 से 25 साल तक के बच्चे अगर नशे से बच जाए तो उसके बाद जीवन की बड़ी पूंजी है मगर वर्तमान समय में इस उम्र के बच्चे नशे की जद में आ गए हैं और हर बार इसके लिए प्लान बनाए जाते हैं लेकिन समाधान नहीं हो पाता। एसएसपी मीणा द्वारा चेतावनी दी गई है कि नशे के धंधेबाजों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी उन्हें या तो अपना धंधा छोड़ना होगा या फिर शहर।

