बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार के विरोध में अल्मोड़ा में निकाली गई आक्रोश रैली

अल्मोड़ा। 10 दिसंबर 2024 को बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों और अन्य धार्मिक समुदायों पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में आज देवभूमि रक्षा मंच द्वारा एक विशाल आक्रोश रैली निकाली गई। यह रैली नंदा देवी मंदिर से शुरू होकर मुख्य बाजार होते हुए चौघानपाटा पहुंची, जहां महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन भेजा गया।
ज्ञापन में बांग्लादेश में हिंदू, बौद्ध और ईसाई अल्पसंख्यकों पर बढ़ते हमलों, जबरन धर्मांतरण, अपहरण, बलात्कार और धार्मिक स्थलों के विध्वंस पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। यह कहा गया कि बांग्लादेश का संविधान और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून इन घटनाओं की निंदा करते हैं, फिर भी वहां लगातार अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन हो रहा है। ज्ञापन में भारत सरकार से बांग्लादेश सरकार पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने और संयुक्त राष्ट्र से स्वतंत्र जांच आयोग गठित करने की मांग की गई।
रैली का नेतृत्व संयोजक प्रकाश लोहनी और सह-संयोजक मनोज सनवाल ने किया। इस मौके पर रवि रौतेला, कैलाश गुरुरानी, विनीत बिष्ट, अमित साह मोनू, मनीष जोशी, किशन गुरुरानी, प्रकाश भट्ट, दीपलाल शाह, कैलाश शर्मा, रणजीत भंडारी, मनोहर सिंह नेगी, अनूप लाल शाह, और मदन सिंह बिष्ट समेत सैकड़ों लोग शामिल रहे। महिलाओं में वसुधा पंत, रमा जोशी, देवकी रावत, गीता नेगी, दीप्ति सोनकर, और पूनम पालीवाल ने भी इस रैली में सक्रिय भागीदारी की।
रैली में मांग की गई कि बांग्लादेश सरकार दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करे, अल्पसंख्यकों का पुनर्वास सुनिश्चित करे, और महिलाओं तथा बच्चों के खिलाफ हिंसा को रोके। ज्ञापन में मानवाधिकारों की रक्षा और अल्पसंख्यकों के सम्मान के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की गई।