एनएमसी ने अपनाया कड़ा रुख, बाहर से पढ़ कर आए तो परीक्षा से गुजरना होगा, देनी होगी अतिरिक्त परीक्षा

नई दिल्ली| केंद्र विदेशों में मेडिकल की डिग्री पर राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) का रुख कड़ा है| अगले साल से प्रस्तावित नेशनल एग्जिट टेस्ट में विदेशों से डिग्री लेकर आने वाले छात्रों को कड़ी परीक्षा से गुजरना होगा| हालांकि इस टेस्ट में भारत में पढ़ने वाले छात्र भी बैठेंगे लेकिन जो विदेशों से पढ़कर आएंगे उन्हें एक अतिरिक्त प्रश्न पत्र देना होगा|
देश में मेडिकल सीटें कम होने के कारण बड़े पैमाने पर छात्र विदेशों में पढ़ने जाते हैं| नेशनल एग्जिट परीक्षा को लेकर एनएमसी की अंतिम अधिसूचना अभी जारी होनी बाकी है| जो मसौदा अभी जारी हुआ है उसमें कहा गया है, कि नेशनल एग्जिट परीक्षा यानी नेक्स्ट दो हिस्सों में होगा नेक्स्ट स्टेप वन और स्टेप 2|
मेडिकल की डिग्री पूरे करने वाले सभी छात्रों को इसमें शामिल होना होगा| इसके पास करने के बाद ही उन्हें 1 साल की इंटरशिप करने की इजाजत होगी| इसके बाद ही उन्हें स्थाई पंजीकरण मिलेगा| इस मसौदे के अनुसार नेक्स्ट स्टेप वन में विदेश में डिग्री लेकर आने वाले छात्रों के लिए एक अलग पेपर होगा, जो भारत से पढ़े छात्रों को नहीं देना होगा| कहा गया कि इस पेपर में विदेश से पढ़ कर आए छात्रों को प्री एवं पैराक्लिनिकल ज्ञान का आकलन किया जाएगा| बता दें कि विदेश में मेडिकल पढ़ाई के लिए भी नीट उत्तीर्ण होना अनिवार्य होता है|