
वर्तमान समय में भारत ने जी-20 देशों के साथ-साथ कुछ अन्य जिम्मेदारियां भी संभाल ली है। बता दें कि 1 दिसंबर 2022 को भारत को जी-20 देशों की अध्यक्षता संभालने का मौका मिला और उसी के साथ भारत ने कुछ अन्य जिम्मेदारियां भी संभाल ली है। जिसमें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का दिसंबर 2022 के लिए भारत अध्यक्ष बना है और भारत अभी यूएनएससी का स्थाई सदस्य है और इसकी सदस्यता दिसंबर 2022 में ही समाप्त हो रही है। बता दें कि यूएनएससी में हर सदस्य देश को एक ना एक बार एक या 2 माह के लिए अध्यक्षता का दायित्व मिलता है तथा इस महीने अब भारत यह दायित्व संभालेगा। इसके अलावा विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची द्वारा बताया गया कि इस महीने भारत की कोशिश बहुवादी संस्थाओं में सुधार की रहेगी तथा आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मुहिम को मजबूत बनाने का काम भी भारत करेगा। भारत गुरुवार से वासेनार व्यवस्था का भी अध्यक्ष बन चुका है और यह 42 देशों का बेहद ही प्रतिष्ठित संगठन है जिसमें भारत को दिसंबर 2017 में शामिल किया गया था। इसके अलावा भारत एससीओ की अध्यक्षता भी संभालेगा। दुनिया में सैन्य दृष्टिकोण के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जाने वाले चार अंतरराष्ट्रीय समझौतों में से तीन का भारत सदस्य बन चुका है और वासेनार व्यवस्था में शामिल है तथा चौथा समझौता परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह यानी कि एनएसजी है और चीन भारत के इसमें प्रवेश की राह में सबसे बड़ा रोड़ा है। लेकिन भारत को एससीओ की अध्यक्षता भी करनी है। यानी कि भारत को ना सिर्फ जी-20 देशों की अध्यक्षता संभालनी है बल्कि उसके साथ- साथ यह अन्य जिम्मेदारियां भी निभानी है।

