
उत्तराखंड राज्य के हल्द्वानी में बीते गुरुवार की शाम को हिंसा के बाद सरकार एक्शन में आ गई ह। बता दे कि शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है और इंटरनेट सेवा भी बंद कर दी गई है। इस हिंसा के दौरान 300 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं और छह लोगों की मौत भी हो चुकी है। हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अतिक्रमण हटाने को लेकर यह बवाल हो गया जिसके बाद प्रशासन ने देर शाम उपद्रवियों के पैर में गोली मारने के आदेश जारी किए। एक को गोली लगने की सूचना भी मिली है।
इसी दौरान अमर उजाला के फोटोग्राफर राजेंद्र सिंह बिष्ट मलिक बगीचे में पहुंचे तो वहां बड़ी संख्या में लोग विरोध कर रहे थे और छतों से भी कुछ देर बाद पथराव शुरू हो गया और उसके बाद फोर्स भागने लगी तथा उपद्रवियों ने फोटोग्राफर के साथ-साथ पुलिस वालों को पकड़ लिया और लाठी डंडे से पीटने लगे पत्थरों से मारने लगे। वह लोग यह बताने पर भी नहीं रुके कि वह अखबार से हैं उनकी जान बहुत मुश्किल से बच पाई है और वहीं एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा का कहना है कि हमारी तैयारी पूरी थी और कहां पर चूक हुई इसका पता लगाया जा रहा है। बता दे कि हल्द्वानी में बाहर से भी फोर्स मंगाई गई है इसे क्षेत्र के विभिन्न चौराहो और गलियों में लगाया गया है तथा शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है और फोर्स को गोली मारने के आदेश भी दे दिए गए हैं।
बनभूलपुरा में अतिक्रमण तोड़ने गई टीम पर घरों की छतों से पथराव किया गया जिसके बाद पुलिस ने पत्थर बाजों को पकड़ने के लिए उन घरों का रुख किया जहां से पत्थर फेंके जा रहे थे नगर निगम कर्मचारियों की मदद से घरों के दरवाजों को तोड़ा गया और पुलिसकर्मी घरों में घुसे इसके बाद पत्थरबाजों को पड़कर पुलिस ले जाने लगी लेकिन उपद्रवी उन्हें भी छुड़ा कर ले गए। जिलाधिकारी वंदना का कहना है कि हमारी तैयारी पूर्ण थी और कोई भी कमी नहीं थी जिस तरह से टीम पर हमला हुआ उससे लगता है कि वह सुनियोजित और योजनाबद्ध हमला किया गया है जिसकी तैयारी पहले से ही की गई थी। पेट्रोल, बम, पथराव से लेकर गोलियां चलाई गई और इसकी उम्मीद नहीं थी। इस हिंसा के बाद शहर में इंटरनेट सेवा भी बंद हो चुकी है और कर्फ्यू लगा दिया गया है वही आज स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे।

