प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति में सरकार ने किया बड़ा बदलाव

नई दिल्ली| पिछड़े और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए केंद्र सरकार ने अपने प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना को नौवीं और दसवीं कक्षा के छात्रों तक सीमित कर दिया है| पहले यह कक्षा 1 से 8 तक के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदायों के बच्चों के लिए थी|


इस संबंध में जारी नोटिस में कहा गया है कि सरकार के लिए शिक्षा का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम 2009 प्रत्येक बच्चे को मुफ्त और प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करना अनिवार्य है| शिक्षण संस्थान के नोडल अधिकारी/जिला नोडल अधिकारी/ राज्य नोडल अधिकारी को नोटिस में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय की प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत केवल कक्षा नौवीं और दसवीं के लिए आवेदनों को सत्यापित करने के लिए कहा गया है|
सरकार के इस निर्णय को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सांसद रणदीप सुरजेवाला ने गलत बताते हुए कहा कि कक्षा एक से कक्षा 8 तक के लाखों एससी, एसटी, ओबीसी और अल्पसंख्यक बच्चों की प्री-मेरिट छात्रवृत्ति योजना खत्म करना गरीब व शिक्षा पर कुठाराघात है|